टुंडी/धनबाद:
धनबाद जिले के टुंडी प्रखंड क्षेत्र में बराकर नदी में डूबे एक युवक का शव करीब 50 घंटे बाद नदी के गहरे पानी से बरामद किया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक की पहचान रतनपुर पंचायत अंतर्गत सिदुवारीटांड गांव के रोलवदरा टोला निवासी 24 वर्षीय शंकर सोरेन (पिता– श्रवण सोरेन) के रूप में हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते 02 मार्च को शंकर सोरेन अपने 12 से 15 साथियों के साथ टुंडी थाना क्षेत्र के कठचीरा मधुरसा घाट स्थित बराकर नदी में मछली मारने गया था। बताया जा रहा है कि युवक हमेशा की तरह डायनामाइट से धमाका कर मछली पकड़ने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान वह अचानक नदी के गहरे पानी में डूब गया और देखते ही देखते लापता हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों के बीच अफरा-तफरी मच गई। परिजनों और ग्रामीणों ने युवक की तलाश शुरू की, लेकिन नदी की गहराई और तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिल सकी। घटना की सूचना प्रशासन को दी गई, जिसके बाद अंचलाधिकारी सुरेश प्रसाद वर्णवाल और टुंडी पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी उमाशंकर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और लगातार घटनास्थल पर डटे रहे।
युवक की तलाश के लिए प्रशासन की ओर से देवघर से एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की 25 सदस्यीय टीम को भी बुलाया गया। टीम ने नदी में कई घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों में चिंता और बेचैनी बढ़ती रही।
इसी बीच 03 मार्च को घटना की जानकारी टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो को दी गई। सूचना मिलते ही विधायक मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय गोताखोरों से सहयोग लेने का सुझाव दिया तथा राहत कार्य में आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया।
इसके बाद क्षेत्रीय स्तर पर अनुभवी गोताखोरों की मदद ली गई। हालांकि देर शाम अंधेरा हो जाने के कारण सर्च ऑपरेशन को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। अगले दिन 04 मार्च को फिर से खोजबीन शुरू की गई। इस दौरान जामताड़ा जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चितामी गांव से आए अनुभवी गोताखोरों की टीम ने नदी में उतरकर गहन तलाश अभियान चलाया।

लगातार प्रयास के बाद गोताखोरों ने बराकर नदी के गहरे पानी से युवक का शव बरामद कर लिया। शव मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे गांव में मातम का माहौल छा गया। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे।
इस दौरान अंचलाधिकारी सुरेश प्रसाद वर्णवाल और थाना प्रभारी उमाशंकर अपनी टीम के साथ अंतिम समय तक घटनास्थल पर मौजूद रहे और पूरे अभियान की निगरानी करते रहे। शव मिलने के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
घटना के दौरान मौके पर झामुमो प्रखंड अध्यक्ष फुलचंद किस्कू, उप मुखिया संतुलाल किस्कू, शंकर मंडल उर्फ भीमलाल मंडल समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। पिछले दो दिनों तक सैकड़ों की संख्या में लोग नदी किनारे जुटकर युवक के मिलने की उम्मीद लगाए बैठे थे।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर नदी में खतरनाक तरीके से मछली पकड़ने की प्रथा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि डायनामाइट जैसे खतरनाक तरीके से मछली मारना न केवल पर्यावरण के लिए नुकसानदेह है, बल्कि इससे लोगों की जान को भी बड़ा खतरा रहता है।
फिलहाल युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पूरे मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। वहीं इस घटना से पूरे इलाके में शोक और दुख का माहौल बना हुआ है।



