धनबाद:
झारखंड के धनबाद जिले से एक गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत भेड़ल गांव में चापानल के पानी में कथित रूप से जहरीला पदार्थ मिलाने का आरोप लगाया गया है। इस घटना के बाद चापानल का पानी उपयोग करने से एक महिला और उसकी बेटी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। दोनों को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए धनबाद के बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया गया।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि इस मामले में उन्होंने थाना में लिखित शिकायत दी है, लेकिन अब तक पुलिस द्वारा मामला दर्ज नहीं किया गया है। इससे परिवार के साथ-साथ ग्रामीणों में भी नाराजगी और चिंता का माहौल है।
जानकारी के अनुसार भेड़ल गांव निवासी टी.पी. उर्मिला दासी ने नारायणपुर थाना में दिए गए अपने लिखित आवेदन में बताया है कि शनिवार 17 मई 2025 की सुबह करीब 9 बजे उनकी 32 वर्षीय बेटी प्रियंका कुमारी मंडल घर के पास स्थित चापानल से पानी लेने गई थी। जब उसने चापानल से पानी निकाला तो पानी से तेज और अजीब तरह की बदबू आ रही थी। शुरुआत में इसे सामान्य बात समझकर उसने ध्यान नहीं दिया।
आरोप है कि प्रियंका उसी पानी से नहाने लगी। कुछ ही देर बाद उसे चक्कर आने लगे और उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। हालत इतनी खराब हो गई कि वह चक्कर खाकर जमीन पर गिर पड़ी, जिससे उसके सिर में चोट भी लग गई। घटना से परिवार के लोग घबरा गए और उसे संभालने की कोशिश करने लगे।
पीड़िता ने अपने आवेदन में यह भी बताया है कि कुछ देर बाद उनके पति तापस मंडल भी उसी चापानल से पानी लेकर आए। जैसे ही उन्होंने उस पानी का इस्तेमाल किया, उनकी तबीयत भी खराब होने लगी। परिजनों का कहना है कि पानी में किसी तरह का जहरीला या हानिकारक पदार्थ मिलाया गया था, जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई।
घटना के बाद परिजनों ने बिना देर किए 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी। एंबुलेंस की मदद से मां-बेटी को इलाज के लिए नारायणपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने दोनों का प्राथमिक उपचार किया। हालांकि हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए धनबाद स्थित एसएनएमएमसीएच रेफर कर दिया।

वर्तमान में दोनों का इलाज शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसएनएमएमसीएच), धनबाद में चल रहा है। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।
उर्मिला दासी का आरोप है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने जानबूझकर चापानल के पानी में जहरीला पदार्थ मिला दिया, जिससे उनकी बेटी और परिवार के अन्य सदस्यों की जान खतरे में पड़ गई। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पीड़िता का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में नारायणपुर थाना में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया था, लेकिन अब तक पुलिस द्वारा कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। इससे परिवार काफी परेशान है और उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद कम होती नजर आ रही है।
इधर, इस घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर वास्तव में किसी ने चापानल के पानी में जहरीला पदार्थ मिलाया है, तो यह बेहद गंभीर और खतरनाक कृत्य है। इससे पूरे गांव के लोगों की जान को खतरा हो सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि चापानल के पानी की तत्काल वैज्ञानिक जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पानी में वास्तव में कोई जहरीला या हानिकारक पदार्थ मिलाया गया था या नहीं। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गांवों में अधिकांश लोग चापानल के पानी पर ही निर्भर रहते हैं। ऐसे में अगर पानी की सुरक्षा पर ही सवाल खड़े हो जाएं, तो यह पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है।
फिलहाल इस मामले को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए जांच करता है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।



