📍 बाघमारा
महुदा क्षेत्र में लगातार जारी अवैध खनन के खिलाफ अब ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। हाथुडीह पंचायत में आयोजित एक अहम बैठक में ग्रामीणों ने एकजुट होकर अवैध उत्खनन के खिलाफ संघर्ष करने का सामूहिक संकल्प लिया।
जिला प्रशासन द्वारा अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए टास्क फोर्स का गठन और सख्त निर्देश जारी किए जाने के बावजूद क्षेत्र में इसका प्रभाव अपेक्षित रूप से नहीं दिख रहा है। इसी को लेकर पंचायत स्तर पर यह बैठक बुलाई गई, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि गांव की एकता को बनाए रखते हुए हर हाल में अवैध खनन को रोका जाएगा।
बैठक में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बाहरी सिंडिकेट क्षेत्र में सक्रिय हैं और दोहरी नीति अपनाकर गांव के लोगों को आपस में बांटने की कोशिश कर रहे हैं। वक्ताओं ने साफ कहा कि जल, जंगल, नदी-नाला और प्राकृतिक संसाधनों पर पहला अधिकार स्थानीय लोगों का है, जिसे किसी भी कीमत पर खत्म नहीं होने दिया जाएगा।
ग्रामीणों ने चिंता जताई कि अवैध खनन के कारण प्राकृतिक संसाधनों का तेजी से क्षरण हो रहा है। साथ ही बड़े पैमाने पर कोयले की अवैध ढुलाई भी की जा रही है। हाथुडीह पंचायत के कई स्थानों पर अवैध खुदाई जारी होने की बात सामने आई है, जबकि पोखरिया क्षेत्रों में जल स्रोत सूखने लगे हैं। जोरिया क्षेत्र में मशीनों के जरिए खनन किए जाने की सूचना पर ग्रामीणों ने निगरानी के लिए लोगों को तैनात कर दिया है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि अवैध धंधे से जुड़े लोग लग्जरी वाहनों में खुलेआम क्षेत्र में घूम रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।
बैठक की अध्यक्षता परमेंद्र सिंह ने की, जबकि संचालन प्रसादी सिंह द्वारा किया गया। इस दौरान दिलीप सिंह, उपेन्द्र नारायण सिंह, कुंदन सिंह, जमुना प्रसाद सिंह, माधव सिंह, लखन सिंह, काशी राय, राजेश सिंह, भागीरथ सिंह, धनिराम सिंह, पिंटू सिंह, संजीत सिंह, मथूर सिंह, संतोष सिंह, वैधनाथ सिंह, अशोक सिंह, धर्मजीत सिंह, विरेन्द्र सिंह, रवि सिंह, बिक्रम सिंह, सुरेंद्र सिंह, बिकाश सिंह, बबलू सिंह, सुजल सिंह, मुकेश सिंह समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
हाथुडीह पंचायत के इस सामूहिक संकल्प से यह साफ है कि अब ग्रामीण अवैध खनन के खिलाफ खुद ही एकजुट होकर निर्णायक लड़ाई लड़ने के मूड में हैं।


