📍 शामली, उत्तर प्रदेश | रिपोर्ट: प्रशन कुमार
रमजान के पाक महीने के आखिरी जुमे यानी अलविदा जुमे पर जनपद शामली की मस्जिदों में अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी। हजारों मुस्लिम भाइयों ने जुमे की नमाज अदा कर देश में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी।
शहर की प्रमुख जामा मस्जिद, फव्वारा चौक स्थित मस्जिद और टायर वाली मस्जिद में नमाजियों की खासी भीड़ देखने को मिली। वहीं झिंझाना कस्बे की नूरिया, नीला रोजा, खारे वाली, शाह मुबारिक, आयशा, नूर मोहम्मदिया, मनिहारों वाली, कुरेशियान, सालारा वाली और पीरखोन वाली मस्जिदों में भी बड़ी संख्या में लोग नमाज के लिए पहुंचे।
जामा मस्जिद में मौलाना शौकीन ने अपने बयान में कहा कि सभी अकीदतमंद ईद से पहले फितरा और जकात जरूर अदा करें। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि ईद की नमाज सड़कों पर अदा न करें, बल्कि निर्धारित स्थानों पर ही नमाज पढ़ें।
अलविदा जुमे को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। मस्जिदों और ईदगाहों के बाहर सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल की तैनाती की गई थी, जिससे पूरे जिले में शांति और व्यवस्था बनी रही।
इसके अलावा कैराना, कांधला, जलालाबाद, थानाभवन, ऊन, चौसाना, गढ़ीपुख्ता, बिडौली और बाबरी क्षेत्रों में भी मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ रही। सभी जगहों पर मुस्लिम समुदाय ने देश में शांति, सौहार्द और तरक्की की दुआ की।
अलविदा जुमे के मौके पर पूरे जिले में धार्मिक आस्था और भाईचारे का संदेश देखने को मिला, जहां लोगों ने मिलकर देश की खुशहाली और शांति के लिए दुआएं मांगीं।



