शामली (उत्तर प्रदेश):पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का असर अब शामली जनपद में भी साफ दिखाई देने लगा है। व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित होने से जिले के होटल, रेस्टोरेंट और ढाबे बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। सिलेंडरों की कमी के कारण संचालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार को शहर के कई ढाबे पूरी तरह बंद नजर आए।जानकारी के अनुसार इन दिनों ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच जारी तनाव का असर तेल और गैस की आपूर्ति पर भी पड़ रहा है। इसके चलते कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित हो गई है। शादी-विवाह के सीजन में पिछले तीन दिनों से व्यावसायिक सिलेंडरों की कमी के कारण होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।कॉमर्शियल सिलेंडर न मिलने से होटल, रेस्टोरेंट और खानपान के ठेले-खोमचे चलाने वालों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। गुरुवार को शहर में कई ढाबे बंद दिखाई दिए, जबकि होटल और रेस्टोरेंट संचालक किसी तरह व्यवस्था बनाकर काम चलाने की कोशिश कर रहे हैं।वहीं घरेलू रसोई गैस के लिए भी एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। कई क्षेत्रों में सर्वर डाउन होने के कारण गैस बुकिंग नहीं हो पाई, जिससे कई लोग बिना सिलेंडर लिए ही वापस लौट गए।हालांकि जिला प्रशासन का कहना है कि जिले में रसोई गैस की कोई कमी नहीं है और नियमानुसार सभी उपभोक्ताओं को सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा।इधर गैस की समस्या को देखते हुए लोग वैकल्पिक व्यवस्था भी तलाशने लगे हैं। कई उपभोक्ता इंडक्शन चूल्हे खरीद रहे हैं, जिससे बाजार में इंडक्शन चूल्हों की बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ गई है। कई दुकानों में इनका स्टॉक भी तेजी से खत्म हो रहा है।दूसरी ओर छोटे दुकानदारों ने कोयले का इस्तेमाल शुरू कर दिया है, जबकि कुछ स्ट्रीट फूड विक्रेता घरेलू गैस सिलेंडर के सहारे काम चला रहे हैं। इंडेन और भारत गैस एजेंसियों पर सिलेंडर बुक कराने पहुंचे लोगों को सर्वर समस्या के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा और कई उपभोक्ता मायूस होकर वापस लौट गए।रिपोर्ट: प्रशांत कुमार, शामली (उत्तर प्रदेश)



