आसनसोल :
रेलवे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे “ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” के तहत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) आसनसोल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो नाबालिग बालकों को सुरक्षित बचाया है। दोनों बच्चे बिना अभिभावक के ट्रेन में यात्रा कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार 11 मार्च 2026 को ट्रेन संख्या 12376 के आसनसोल स्टेशन पहुंचने पर आरपीएफ को मानव तस्करी की आशंका से संबंधित सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर एसआई विजय कुमार के नेतृत्व में आरपीएफ टीम ने एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और चाइल्ड हेल्पलाइन के कर्मियों के साथ मिलकर प्लेटफॉर्म संख्या 2 पर संयुक्त जांच अभियान चलाया।
जांच के दौरान सामान्य श्रेणी के एक कोच में दो नाबालिग बालक अकेले यात्रा करते हुए पाए गए। पूछताछ करने पर बच्चों ने बताया कि वे जसीडीह स्टेशन से ट्रेन में सवार हुए थे और अपने परिवार के एक परिचित व्यक्ति के साथ काम करने के लिए चेन्नई जा रहे थे।
आरपीएफ टीम ने तुरंत बच्चों के परिजनों से संपर्क किया। परिजनों ने पूरी जानकारी की पुष्टि करते हुए बच्चों को रोककर सुरक्षित घर भेजने का अनुरोध किया। चूंकि दोनों नाबालिग बिना किसी वैध अभिभावक के यात्रा कर रहे थे, इसलिए उन्हें ट्रेन से उतारकर आसनसोल स्टेशन स्थित चाइल्ड हेल्पलाइन डेस्क पर लाया गया।
आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों नाबालिगों को आगे की देखभाल और आवश्यक कार्रवाई के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन प्राधिकरण को सौंप दिया गया।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि “ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” के तहत आरपीएफ लगातार रेलवे परिसरों और ट्रेनों में बच्चों की सुरक्षा तथा मानव तस्करी की रोकथाम को लेकर सतर्कता बरत रही है। साथ ही यात्रियों से भी अपील की गई है कि यदि किसी बच्चे को संदिग्ध या अकेले यात्रा करते देखें तो तुरंत रेलवे अधिकारियों को इसकी सूचना



