आसनसोल। पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल द्वारा स्वच्छ, हाइजीनिक और यात्री-अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पूरे मंडल में मशीनीकृत सफाई अभियान को तेज कर दिया गया है। इस क्रम में आसनसोल, पांडवेश्वर, विद्यासागर और रानीगंज रेलवे स्टेशनों पर आधुनिक मशीनी उपकरणों की सहायता से व्यापक सफाई कार्य किया जा रहा है।
रेलवे प्रशासन द्वारा पटरियों, प्लेटफॉर्म और स्टेशन परिसरों की सुव्यवस्थित एवं प्रभावी सफाई के लिए अत्याधुनिक मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे स्वच्छता के स्तर में उल्लेखनीय सुधार हो रहा है और यात्रियों की सुविधा बढ़ रही है।
पूर्व रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे स्टेशन परिसरों एवं ट्रेनों में स्वच्छता बनाए रखें और थूकने से बचें। रेलवे नियमों के अनुसार स्टेशनों पर थूकना दंडनीय अपराध है, क्योंकि इससे अस्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम उत्पन्न होते हैं। यात्रियों से स्वच्छता नियमों का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया गया है।
प्रभावी कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए स्टेशनों पर दो रंगों वाले डस्टबिन—नीले और हरे—लगाए गए हैं। जैविक एवं बायोडिग्रेडेबल कचरे जैसे भोजन के अवशेष हरे डस्टबिन में तथा प्लास्टिक एवं अन्य गैर-बायोडिग्रेडेबल कचरे को नीले डस्टबिन में डालने की सलाह दी गई है। इससे स्वच्छता बनाए रखने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे कचरा न फैलाएं, थूकने से बचें, निर्धारित डस्टबिन का उपयोग करें और स्टेशनों एवं ट्रेनों को स्वच्छ रखने के लिए लगातार कार्यरत सफाई कर्मचारियों का सम्मान करें।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि सफाई कर्मचारी पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं, लेकिन बार-बार कचरा फैलने से उन्हें अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। स्वच्छ आदतों और जिम्मेदार व्यवहार को अपनाकर यात्री न केवल इन कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा सकते हैं, बल्कि सभी के लिए एक स्वच्छ, सुरक्षित और सुखद रेलवे वातावरण बनाने में योगदान दे सकते हैं।




