धनबाद। सदर अस्पताल धनबाद में सोमवार को आर्थिक रूप से कमजोर एक महिला का सफल ऑपरेशन किया गया। अल्ट्रासोनोग्राफी जांच में बच्चेदानी में गांठ (फाइब्रॉयड) की पुष्टि होने के बाद चिकित्सकों ने समय पर इलाज करते हुए महिला को नया जीवन दिया।
अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. संजीव कुमार प्रसाद ने बताया कि झरिया क्षेत्र के सिजुआ-जोगता अंतर्गत हरिजन कॉलोनी नंबर-4 की निवासी 40 वर्षीय सुनीता कुमारी, पति जगेश्वर सिंह, पिछले कई महीनों से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित थीं। उन्हें माहवारी के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था तथा पेशाब करने में भी परेशानी हो रही थी। लगातार रक्तस्राव के कारण शरीर में खून की भारी कमी हो गई थी।
सुनीता कुमारी के चार बच्चे हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर है। आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद आसपास कोई उपयुक्त अस्पताल उपलब्ध नहीं होने के कारण सहिया के माध्यम से उन्हें सदर अस्पताल धनबाद लाया गया।
सदर अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव द्वारा जांच कराई गई, जिसमें अल्ट्रासोनोग्राफी रिपोर्ट में बच्चेदानी में कई छोटे-बड़े फाइब्रॉयड पाए गए। अधिक खून की कमी को देखते हुए पहले मरीज को दो यूनिट रक्त चढ़ाया गया, इसके बाद ऑपरेशन का निर्णय लिया गया।
दिनांक 09 फरवरी 2026 को डॉ. संजीव के नेतृत्व में सुनीता कुमारी का सफल एब्डोमिनल हिस्टेरेक्टॉमी ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति सामान्य और स्थिर बताई जा रही है। सर्जरी में निश्चेतक डॉ. आनंद, ओटी सहायक मधुसूदन मरांडी एवं ओमप्रकाश की अहम भूमिका रही।
मरीज के परिजनों ने बताया कि यदि यह ऑपरेशन किसी निजी अस्पताल में कराया जाता तो लगभग 50 से 60 हजार रुपये का खर्च आता, जो उनके लिए संभव नहीं था। परिवार ने जिला प्रशासन, सदर अस्पताल एवं पूरी चिकित्सकीय टीम के प्रति आभार जताते हुए कहा कि समय पर इलाज मिलने से सुनीता कुमारी को नया जीवन मिला है।




