रिपोर्ट — प्रशन कुमार, शामली | उत्तर प्रदेश
शामली जिले में अलग-अलग क्षेत्रों से दो महिलाओं ने अपने-अपने ससुरालियों पर संपत्ति पर अवैध कब्जा और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। दोनों पीड़ित महिलाओं ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को प्रार्थना पत्र सौंपकर मामले में कार्रवाई की मांग की है।
पहला मामला शहर के झिंझाना रोड स्थित विकास नगर का है, जहां रहने वाली विधवा महिला कविता ने आरोप लगाया है कि उसके पति गौतम की बीमारी के चलते अचानक मृत्यु हो गई थी। पति की मृत्यु के बाद नगर पालिका में उनके मकान और एक अन्य प्लाट का नामांतरण कविता और उसकी नाबालिग बेटी के नाम दर्ज हो चुका है। इसके बावजूद उसके जेठ और जेठानी ने उसके मकान के ऊपरी हिस्से और एक प्लाट पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है।
पीड़िता का आरोप है कि ससुरालियों का उक्त संपत्ति में कोई हिस्सा नहीं है, फिर भी वे उसे और उसकी बेटी को लगातार परेशान कर रहे हैं तथा जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इस कारण वह और उसकी बेटी दहशत के माहौल में जीवन व्यतीत करने को मजबूर हैं। पीड़िता ने एसडीएम से मामले में सख्त कार्रवाई कर न्याय दिलाने की मांग की है।
वहीं दूसरा मामला गांव जसाना उर्फ मस्तगढ़ का है। यहां निवासी महिला शालू ने एसडीएम को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसके पति की मृत्यु के बाद उनकी भूमि उसके और उसके बच्चों के नाम दर्ज हो चुकी है। आरोप है कि उसके जेठ ने कथित रूप से जालसाजी करते हुए बच्चों की मां होने के बावजूद खुद को नाबालिग बच्चों का संरक्षक दर्ज करा लिया।
पीड़िता के अनुसार जब उसने इसका विरोध किया तो जेठ ने उसे और उसके बच्चों को जान से मारने की धमकी देते हुए जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की। शालू ने प्रशासन से सुरक्षा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
दोनों मामलों में एसडीएम ने प्रार्थना पत्र प्राप्त कर जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।


